ये हवाई क्षेत्र राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र से काफ़ी दूर तक होता है ताकि किसी संभावित ख़तरे के मद्देनज़र पर्याप्त चेतावनी जारी की जा सके. लेकिन एडीआईज़ेड पर कोई अंतरराष्ट्रीय क़ानून मान्य नहीं होता क्योंकि स्वनिर्धातिर सी माएं दूसरे देशों के दावों से टकरा सकती हैं, इसी वजह से कई बार उल्लंघन भी होता है. पूर्वी चीन सागर क्षेत्र में भी हालात ऐसे ही हैं क्योंकि वहां दक्षिण कोरिया, चीन और जापान के हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र एक दूसरे के ऊपर होते हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र के कन्वेंशन के मुताबिक देश अपने ज़मीनी क्षेत्र के ऊपर और समंदर में तट से 12 नॉटिकल मील दूर तक के हवाई क्षेत्र को नियंत्रित कर सकते हैं. इस मामले में दक्षिण कोरिया की कहना है कि रूसी विमान अपने एडीआईजेड से बहुत दू र निकलकर द्वीपों के ऊपर के हवाई क्षेत्र में दाख़िल हो गए थे. हालांकि अन्य राष्ट्र इन द्वीपों पर दक्षिण कोरिया की संप्रभुता को स्वीका र नहीं करते हैं आंध्र प्रदेश एंप्लॉयमेंट ऑफ़ लोकल कैंडिडेट इन इंडस्ट्रीज़/फ़ैक्ट्रीज़ एक्ट 2019 पारित हो गया है. इस एक्ट के पारित होने का मतलब है कि अब राज्य में 75 फ़ीसदी नौक...